
विचार14 जून 20265 मिनट का पठन
वर्तमान शासन भारत की एआई (AI) संप्रभुता का किस प्रकार समर्पण कर रहा है
जबकि ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे राष्ट्र अमेरिकी वर्चस्व को चुनौती देने के लिए एआई (AI) में आक्रामक रूप से निवेश कर रहे हैं, भारत सरकार का गंभीर रूप से कम वित्तपोषित ₹10,372 करोड़ का एआई बजट और इसके तकनीकी अभिजात वर्ग की "प्रसार (diffusion)" मानसिकता हमारी डिजिटल संप्रभुता का समर्पण कर रही है, जिससे भारत विदेशी नवाचार पर निर्भर आधुनिक तकनीकी गुलामों के राष्ट्र में सिमट रहा है।
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