
इतिहास1 जनवरी 19703 मिनट का पठन
नालंदा: वह पुस्तकालय जिसने एशिया गढ़ा — और जिसके जलने में भारत ने क्या खोया
सात सौ वर्षों तक नालंदा वह स्थान था जहाँ दुनिया अध्ययन करने आती थी। बारहवीं शताब्दी में उसके विनाश से हमने केवल एक पुस्तकालय नहीं खोया — हमने एक संस्कार खोया।
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